**"कभी-कभी हम बाहर से जितने मजबूत दिखते हैं… अंदर से उतने ही टूटे हुए होते हैं।
**"कभी-कभी हम बाहर से जितने मजबूत दिखते हैं…
अंदर से उतने ही टूटे हुए होते हैं।
ये छोटा सा बच्चा…
जिसकी आंखों में आँसू हैं…
ये सिर्फ रो नहीं रहा…
ये अपनी खामोशी में बहुत कुछ कह रहा है।
कभी किसी ने इसका दिल दुखाया होगा,
कभी किसी ने इसे अकेला छोड़ दिया होगा…
खिलौने पास में हैं…
लेकिन खेलने का मन नहीं है,
फोन भी पड़ा है…
लेकिन किसी को कॉल करने का दिल नहीं है।
क्योंकि दर्द तब सबसे ज्यादा होता है…
जब अपने ही समझ ना पाएं।
इसलिए अगर आपके आस-पास कोई ऐसा इंसान है…
जो चुप है…
तो उससे जरूर पूछो — ‘तुम ठीक हो?’
क्योंकि कभी-कभी…
एक छोटी सी बात…
किसी की पूरी दुनिया बदल सकती है…"**
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